लोकतंत्र की मजबूती के लिए मतदाता सूची में नाम दर्ज कराएं पात्र लोग: उलेमा
24 अक्टूबर को जिले के सभी बूथों पर लगेगा विशेष शिविर, युवाओं से फार्म-6 भरकर मतदाता बनने की अपील
सब्ज़पोश हाउस मस्जिद में जुमे की नमाज के बाद लोगों को किया जागरूक, उलेमा ने कहा—मतदाता सूची में नाम दर्ज कराना देशहित में अहम कदम
गोरखपुर। लोकतंत्र की मजबूती और चुनावी प्रक्रिया में प्रत्येक पात्र नागरिक की भागीदारी सुनिश्चित करने के उद्देश्य से मतदाता सूची में नाम दर्ज कराने को लेकर जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में 24 अक्टूबर को जिले के सभी मतदान केंद्रों (बूथों) पर विशेष शिविर आयोजित किए जाएंगे। इन शिविरों के माध्यम से मतदाता सूची में नाम शामिल कराने के इच्छुक पात्र नागरिक प्रपत्र-6 (फार्म-6) भरकर आवेदन कर सकेंगे। इस अभियान को सफल बनाने के लिए उलेमा ने भी लोगों से आगे आने और अपने लोकतांत्रिक अधिकारों के प्रति जागरूक रहने की अपील की है।

शुक्रवार को जुमे की नमाज के अवसर पर सब्ज़पोश हाउस मस्जिद, जाफरा बाजार में लोगों को संबोधित करते हुए कारी मुहम्मद अनस नक्शबंदी और मस्जिद के इमाम हाफिज रहमत अली निजामी ने पात्र नागरिकों से मतदाता सूची में अपना नाम दर्ज कराने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र तभी मजबूत होगा, जब प्रत्येक पात्र नागरिक चुनावी प्रक्रिया में अपनी भागीदारी सुनिश्चित करेगा। जिन लोगों की उम्र 18 वर्ष पूरी हो चुकी है और जो मतदाता बनने की पात्रता रखते हैं, उन्हें इस दिशा में गंभीरता से पहल करनी चाहिए।
वोटर लिस्ट में नाम होना जरूरी
कारी मुहम्मद अनस नक्शबंदी ने कहा कि मतदान लोकतांत्रिक व्यवस्था का महत्वपूर्ण आधार है। प्रत्येक पात्र नागरिक को अपने मताधिकार के प्रति जागरूक रहना चाहिए। केवल मतदान करने की इच्छा रखना पर्याप्त नहीं है, बल्कि इसके लिए मतदाता सूची में नाम दर्ज होना भी आवश्यक है। जिन लोगों का नाम अभी तक मतदाता सूची में शामिल नहीं है, उन्हें इसे गंभीरता से लेते हुए निर्धारित प्रक्रिया के तहत अपना नाम दर्ज कराने के लिए आवेदन करना चाहिए।

उन्होंने कहा कि युवाओं को विशेष रूप से इस अभियान के प्रति जागरूक होने की जरूरत है। 18 वर्ष की आयु पूरी कर चुके पात्र युवक-युवतियां अपने नजदीकी मतदान केंद्र पर आयोजित होने वाले विशेष शिविर में पहुंचकर मतदाता सूची में नाम शामिल कराने की प्रक्रिया की जानकारी लें। आवश्यक दस्तावेजों के साथ फार्म-6 भरें और आवेदन में दी गई जानकारी को अच्छी तरह जांच लें, ताकि किसी प्रकार की त्रुटि न रह जाए।
कारी मुहम्मद अनस नक्शबंदी ने कहा कि लोकतंत्र में हर पात्र नागरिक की भागीदारी महत्वपूर्ण है। मतदाता सूची में नाम दर्ज होने से नागरिक को चुनाव के दौरान अपने मताधिकार का इस्तेमाल करने का अवसर मिलता है। इसलिए किसी भी पात्र व्यक्ति को जागरूकता की कमी या जानकारी के अभाव में मतदाता बनने की प्रक्रिया से वंचित नहीं रहना चाहिए।
जागरूक मतदाता ही मजबूत लोकतंत्र की पहचान
मस्जिद के इमाम हाफिज रहमत अली निजामी ने कहा कि एक मजबूत देश के निर्माण के लिए जागरूक नागरिकों का होना बेहद जरूरी है। लोकतांत्रिक व्यवस्था में नागरिकों की भागीदारी जितनी अधिक जिम्मेदार और जागरूक होगी, व्यवस्था उतनी ही मजबूत बनेगी। मतदाता सूची में नाम दर्ज कराना इसी जिम्मेदारी को निभाने की दिशा में पहला महत्वपूर्ण कदम है।

उन्होंने कहा कि देश के विकास, सुरक्षा और उज्ज्वल भविष्य को लेकर प्रत्येक नागरिक की अपनी भूमिका होती है। मतदान के माध्यम से नागरिक अपनी पसंद के प्रतिनिधियों के चयन में भागीदारी निभाते हैं। ऐसे में मतदाता सूची में नाम दर्ज कराना और समय आने पर अपने मताधिकार का इस्तेमाल करना लोकतांत्रिक प्रक्रिया का महत्वपूर्ण हिस्सा है।
हाफिज रहमत अली निजामी ने कहा कि कई बार जानकारी के अभाव, लापरवाही या समय पर आवेदन नहीं करने के कारण पात्र लोगों के नाम मतदाता सूची में शामिल नहीं हो पाते। इसका असर चुनाव में उनकी भागीदारी पर पड़ सकता है। इसलिए ऐसे लोगों को विशेष रूप से जागरूक करने की जरूरत है। 24 अक्टूबर को आयोजित होने वाला विशेष शिविर पात्र नागरिकों के लिए अपनी स्थिति की जानकारी लेने और नाम दर्ज कराने के लिए आवेदन करने का अवसर है।
मोहल्लों में भी चलाया जाए जागरूकता अभियान
उलेमा ने मस्जिद कमेटियों, नौजवानों और समाजसेवियों से अपील की कि वे अपने-अपने मोहल्लों में लोगों को मतदाता सूची में नाम दर्ज कराने के प्रति जागरूक करें। लोगों को बताया जाए कि जिनका नाम मतदाता सूची में नहीं है, वे निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार आवेदन करें। विशेष रूप से उन परिवारों और युवाओं तक जानकारी पहुंचाई जाए, जिन्हें फार्म-6 भरने या मतदाता पंजीकरण की प्रक्रिया के बारे में पर्याप्त जानकारी नहीं है।

उन्होंने कहा कि सामाजिक और धार्मिक संस्थाएं लोगों को जनहित के महत्वपूर्ण विषयों के प्रति जागरूक करने में सकारात्मक भूमिका निभा सकती हैं। मतदाता सूची में नाम दर्ज कराने का अभियान भी ऐसा ही महत्वपूर्ण विषय है, जिसमें समाज के सभी वर्गों की सहभागिता जरूरी है। यदि मोहल्ले के लोग एक-दूसरे को सही जानकारी देंगे, तो अधिक से अधिक पात्र नागरिक इस प्रक्रिया से जुड़ सकेंगे।
उलेमा ने यह भी कहा कि लोगों को आवेदन करते समय अपने विवरण और आवश्यक दस्तावेजों की जांच कर लेनी चाहिए। किसी प्रकार की जानकारी को बिना पुष्टि के साझा करने के बजाय निर्वाचन विभाग के आधिकारिक निर्देशों का पालन करना चाहिए, ताकि मतदाता पंजीकरण की प्रक्रिया सही ढंग से पूरी हो सके।
24 अक्टूबर को शिविर का उठाएं लाभ
उलेमा ने पात्र नागरिकों से अपील की कि वे 24 अक्टूबर को अपने नजदीकी मतदान केंद्र पर आयोजित विशेष शिविर के बारे में जानकारी प्राप्त करें। जिनका नाम मतदाता सूची में दर्ज नहीं है, वे प्रपत्र-6 के माध्यम से नाम शामिल कराने के लिए आवेदन करें। साथ ही, परिवार के अन्य पात्र सदस्यों और आसपास के लोगों को भी इस संबंध में जागरूक करें।
उन्होंने कहा कि लोकतंत्र की मजबूती केवल सरकार और निर्वाचन व्यवस्था की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि इसमें प्रत्येक नागरिक की भागीदारी भी महत्वपूर्ण है। जागरूक नागरिक ही अपने अधिकारों और कर्तव्यों को समझते हुए देश के विकास में योगदान दे सकते हैं। इसलिए पात्र लोगों को मतदाता सूची में नाम दर्ज कराने के लिए आगे आना चाहिए, ताकि कोई भी योग्य नागरिक जानकारी के अभाव में अपने मताधिकार से वंचित न रह जाए।
अंत में उलेमा ने समाज के सभी जिम्मेदार लोगों से इस अभियान को जनजागरूकता का विषय बनाने और अधिक से अधिक पात्र नागरिकों तक इसकी जानकारी पहुंचाने की अपील की।



Post Comment