सही तरीके से वुजू व गुस्ल करने से इबादत मुकम्मल होती है : मुफ्ती अख्तर हुसैन

जाफरा बाजार में दीनी संगोष्ठी आयोजित

गोरखपुर। सब्जपोश हाउस मस्जिद जाफरा बाजार में दीनी संगोष्ठी का आयोजन हुआ। हाफिज रहमत अली निजामी ने कुरआन-ए-पाक की तिलावत की। नात-ए-पाक जैद ने पेश की।

मुख्य वक्ता मुफ्ती-ए-शहर अख्तर हुसैन मन्नानी ने कहा कि इस्लाम इंसान को केवल इबादत ही नहीं, बल्कि जाहिरी और बातिनी पाकीजगी का भी हुक्म देता है। उन्होंने कहा कि वुजू और गुस्ल का सुन्नत तरीका सीखना और उस पर अमल करना हर मुसलमान के लिए जरूरी है। सही तरीके से वुजू और गुस्ल करने से इबादत मुकम्मल होती है और इंसान को अल्लाह की रजा हासिल होती है। उन्होंने कहा कि जिस तरह शरीर की सफाई आवश्यक है, उसी तरह दिल को नफरत, घमंड, ईर्ष्या और बुरे विचारों से पाक रखना भी बेहद जरूरी है। दिल की सफाई अल्लाह व रसूल के जिक्र, अच्छे अखलाक, सच्चाई, मुहब्बत और इंसानियत से होती है।

कारी मुहम्मद अनस नक्शबंदी ने कहा कि इस्लाम ने सफाई को ईमान का अहम हिस्सा बताया है। हमें अपने घर, मस्जिद, मोहल्ले और आसपास के वातावरण को साफ-सुथरा रखने की आदत अपनानी चाहिए। उन्होंने कहा कि बच्चों को बचपन से ही तहारत, वुजू, गुस्ल और स्वच्छता की इस्लामी तालीम दी जाए, ताकि वे अच्छे इंसान और जिम्मेदार नागरिक बन सकें।

अंत में दुरूद ओ सलाम पढ़ा गया तथा मुल्क में अमन-ओ-अमान, तरक्की, आपसी भाईचारे और इंसानियत की भलाई के लिए विशेष दुआ की गई। संगोष्ठी में नेहाल अहमद, मुजफ्फर हसनैन रूमी, रूशान, सैयद जव्वाद अली, जावेद, रईस अहमद, ताबिश सिद्दीकी, मुहम्मद आसिफ, अली शान, जीशान, हसन आदि लोग मौजूद रहे।

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