कुरआन और हदीस की शिक्षाओं को अपने जीवन में अपनाएं : मुफ्ती खालिद अय्यूब

रहमतनगर, रसूलपुर व अहमदनगर चक्शा हुसैन में महफिल-ए-मिलाद का आयोजन

गोरखपुर। तहरीक उलमा-ए-हिंद राजस्थान के चेयरमैन मुफ्ती खालिद अय्यूब मिस्बाही ने बुधवार को सुन्नी बहादुरिया जामा मस्जिद रहमतनगर के निकट, शाही मस्जिद तकिया कवलदह रसूलपुर व अकबरी जामा मस्जिद अहमदनगर चक्शा हुसैन के पास महफिल-ए-मिलाद को संबोधित किया। वहीं रसूलपुर स्थित एक मदरसे में पढ़ने वाले छात्रों का हाल-चाल जाना और रहनुमाई की।

अल कलम एजुकेशनल एंड वेलफेयर ट्रस्ट की ओर से आयोजित मुहल्ला महफिल-ए-मिलाद में मुफ्ती खालिद अय्यूब ने कहा कि जब तक इंसान अपने किरदार, अखलाक और व्यवहार को नहीं सुधारेगा, तब तक एक बेहतर और शांतिपूर्ण समाज की स्थापना संभव नहीं है। इस्लाम इंसान को तौहीद, सच्चाई, ईमानदारी, न्याय, आपसी मोहब्बत, भाईचारे और इंसानियत का संदेश देता है। आज जरूरत इस बात की है कि लोग कुरआन और हदीस की शिक्षाओं को अपने जीवन में अपनाएं। झूठ, चुगली, गाली-गलौज, नशाखोरी, फिजूलखर्ची, आपसी नफरत और रिश्तों में कटुता जैसी बुराइयों से बचना हर मुसलमान की जिम्मेदारी है।

मुफ्ती खालिद अय्यूब ने युवाओं से विशेष रूप से अपील करते हुए कहा कि वे दीन के साथ-साथ आधुनिक शिक्षा भी हासिल करें, अपने चरित्र को बेहतर बनाएं और समाज के लिए उपयोगी नागरिक बनें। उन्होंने बच्चों की अच्छी परवरिश, पांच वक्त की नमाज की पाबंदी, कुरआन-ए-करीम की तिलावत, माता-पिता की सेवा, बुजुर्गों के सम्मान तथा पड़ोसियों और जरूरतमंदों के अधिकारों का ध्यान रखने पर भी जोर दिया। यदि हर व्यक्ति अपने घर और परिवार से सुधार की शुरुआत करे तो पूरे समाज में अमन, भाईचारा और आपसी विश्वास का वातावरण स्वतः स्थापित हो जाएगा।

संचालन करते हुए मुहम्मद अनस ने लोगों से अपील की कि वे समाज में अच्छे संस्कार, नैतिक मूल्यों और इंसानियत को बढ़ावा देने के लिए आगे आएं तथा अपने जीवन में दीन की शिक्षाओं को अपनाकर एक आदर्श समाज के निर्माण में योगदान दें। महफिल में हाफिज रहमत अली, मौलाना अली अहमद, हाफिज आफताब आलम, अली गजनफर शाह, मुजफ्फर हसनैन रूमी, आसिफ महमूद, नेहाल अहमद, कासिद रजा इस्माइली, हस्सान आसिफ, हाफिज आरिफ रजा सहित बड़ी संख्या में लोगों ने भाग लेकर नसीहतों को ध्यानपूर्वक सुना।

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