जलसा-ए-ईद मिलादुन्नबी में जुटेंगे उलमा, इमामे नक्शबंद मौलाना अहमद रज़ा ख़ां नक्शबंदी कमालपुरी व डॉ. मुफ्ती खालिद अय्यूब मिस्बाही होंगे शामिल
रहमतनगर में तीन दिनों तक बरसेगी अकीदत की रौनक, 14 सितंबर से हजरत मुहम्मद अली बहादुर शाह का उर्स
गोरखपुर। रहमतनगर स्थित दरगाह पर हजरत मुहम्मद अली बहादुर शाह अलैहिर्रहमा का 110वां तीन दिवसीय उर्स-ए-पाक 14, 15 और 16 सितंबर को अकीदत, मोहब्बत और एहतराम के साथ मनाया जाएगा। उर्स को लेकर तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। तीन दिनों तक दरगाह पर विभिन्न कार्यक्रम आयोजित होंगे, जिनमें बड़ी संख्या में अकीदतमंदों के शामिल होने की उम्मीद है।

दरगाह से जुड़े अली गजनफर शाह ने बताया कि उर्स के पहले दिन 14 सितंबर को रात 9 बजे से 11:30 बजे तक सुन्नी बहादुरिया जामा मस्जिद, रहमतनगर के पास जलसा-ए-ईद मिलादुन्नबी आयोजित किया जाएगा। इसमें इमामे नक्शबंद, शैखुल आलम, पीरे तरीकत हजरत मौलाना अहमद रज़ा ख़ां नक्शबंदी कमालपुरी साहब क़िब्ला और तहरीक उलमा-ए-हिंद राजस्थान के चेयरमैन डॉ. मुफ्ती मुहम्मद खालिद अय्यूब मिस्बाही साहब क़िब्ला बतौर मुख्य अतिथि शामिल होंगे।
15 सितंबर को बाद नमाज-ए-फज्र कुरआन ख्वानी और मजार शरीफ की गुलपोशी की जाएगी। शाम को रहमतनगर से सरकारी चादर का जुलूस निकलेगा, जो दरगाह पर पहुंचेगा। यहां अकीदतमंदों की मौजूदगी में चादरपोशी की जाएगी।
उर्स के अंतिम दिन 16 सितंबर को दोपहर 12 बजे फातिहा ख्वानी होगी। दोपहर 12:30 बजे लंगर वितरित किया जाएगा। शाम 4:30 बजे कव्वाली का आयोजन होगा। इसके बाद कुल शरीफ और दुआ ख्वानी की जाएगी।

अली गजनफर शाह ने अकीदतमंदों से अपील की कि वे उर्स-ए-पाक के सभी कार्यक्रमों में अधिक से अधिक संख्या में शामिल होकर अपनी अकीदत पेश करें और दुआ में शरीक हों।



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