गोरखपुर। महात्मा गांधी पीजी कालेज के स्नातकोत्तर प्राणि विज्ञान विभाग द्वारा विश्व मात्स्यिकी दिवस (21 नवंबर 2024) को मनाया गया। विभाग के वरिष्ठ शिक्षक डॉक्टर फणीन्द्र तिवारी ने बताया कि मछलियों की ओवरफिसिंग, वास क्षय तथा अन्य गम्भीर खतरों को कम करने के लिए 21 नवंबर को विश्व मात्स्यिकी दिवस मनाया जाता है। सस्टेनेबल तरीकों से मछली पालन को बढावा देना चाहिए. 1997 में 18 देशों ने दिल्ली में एक अनुबंध हस्ताक्षर किये जिसमें समुद्री एवं ताजे पानी के मछली पालन को नियंत्रित माध्यम से करने का प्रण लिया गया. डाॅ शशांक श्रीवास्तव ने बताया कि मछलियों का महत्व हमारे जीवन में प्राचीन काल से रहा है।
हमारे भोज्य पदार्थ में प्रोटीन का मुख्य स्रोत मछलियां होती हैं. मछली पालन मछुआरों के आय का एक महत्वपूर्ण स्रोत है. डॉ अरुण कुमार श्रीवास्तव ने बताया की मछलियों का सेवन मनुष्य के स्वास्थ्य के लिए बहुत ही लाभदायक होता है जिसमें ओमेगा 3 फैटी एसिड पाया जाता है. रिसर्च में यह भी पाया गया है की मछलियों के सेवन से कई प्रकार के कैंसर नहीं होते हैं
स्नातकोत्तर प्रथम एवं तृतीय सेमेस्टर की रितिका मिश्रा एवं मिथिलेश कुमार गुप्ता ने भी मछली पालन विषय पर अपने विचार प्रस्तुत किए. कार्यक्रम के अंत में स्नातकोत्तर प्राणी विज्ञान विभाग की प्रभारी डॉक्टर संगीता त्रिपाठी ने सभी छात्र छात्राओं से नियंत्रित मछली पालन करने एवं इस जागरूकता को समाज में फैलाने का आह्वान किया तथा सभी के प्रति आभार प्रकट किया. इस कार्यक्रम में प्रयोगशाला सहायक शिवम आनंद एवं सभी छात्र एवं छात्राएं उपस्थित रहे।
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