गोरखपुर। महात्मा गांधी पीजी कालेज के स्नातकोत्तर प्राणि विज्ञान विभाग द्वारा ध्रुवीय भालू सप्ताह ( 03 से 09 नवंबर ) मनाया गया। विभाग के वरिष्ठ शिक्षक डॉक्टर फणीन्द्र तिवारी ने बताया कि ध्रुवीय भालू आर्कटिक क्षेत्र के पारिस्थितिकी तंत्र के महत्वपूर्ण घटक हैं।

उन्होनें इसके महत्व को बताया कि ध्रुवीय भालुओं की जनसंख्या मे तेजी से कमी हो रही है. ध्रुवीय भालुओं के संख्या में यह भारी कमी आर्कटिक क्षेत्र के ग्लोबल वार्मिंग, जलवायु वरिवर्तन तथा समुद्री वातावरण में प्रदूषण के वजह से हो रही है। डाॅ शशांक श्रीवास्तव ने बताया कि ध्रुवीय भालू मांसाहारी होते हैं। वे सीलों के शिकारी होते हैं तथा उनकी संख्या को नियंत्रित करने का काम करते हैं. छात्र छात्राओं ने भी इस विषय पर अपने विचार प्रस्तुत किए।

कार्यक्रम के अंत में डॉ फणीन्द्र तिवारी ने सभी छात्र-छात्राओं से ध्रुवीय भालुओं के संरक्षण के प्रति जागरूकता फैलाने का आह्वान किया. कार्यक्रम में सभी छात्र एवं छात्राएं उपस्थित रहे
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